मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2024: ऑनलाइन नामांकन आवेदन करने की प्रक्रिया

संक्षिप्त जानकारी :- हमारे देश में माता-पिता में से किसी एक या फिर दोनों के बच्चों की मृत्यु हो जाने के कारण हमारे देश में बहुत से सारे बयानों का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा लगभग सभी बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है उन सभी बच्चों की पहचान की गई है और जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है ऐसे सभी बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की गई है इस योजना के माध्यम से सभी बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी जिससे वह अपना जीवन यापन अच्छा कर सकें। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2024 बच्चों को पालन-पोषण के तहत पोषण प्रदान करने के लिए या फिर बच्चों के अभिभावक को ₹4000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

नई अपडेट :- प्रत्येक राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ऐसी योजना लागू की जाती है, जिसका उद्देश्य बच्चों और महिलाओं पर शासन करना और उन्हें पुरुष बनाना है और यह प्रयास करना चाहिए क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने से उन्हें किसी और वर्ग की जरूरत नहीं है। इसी उद्देश्य से यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2024 की शुरुआत की है, कोरोना काल में अनाथ हो गए बच्चे, ऐसे बच्चे थे जिनके माता-पिता और माता-पिता की मृत्यु हो गई है, क्योंकि कोरोना के कारण उन्हें सरकार की योजना के तहत ₹4000 की प्रतिमाह दी गई है। यूरोप में वित्तीय सहायता दी जाएगी और इसके साथ ही छात्रों की शादी और किशोर क्षमता भी सरकार द्वारा दी जाएगी।

बाल सेवा योजना 2024 की मुख्य विशेषताएं

योजना का नाम ई श्रम कार्ड पेंशन योजना
संबंधित विभाग श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार
लाभार्थी देश के श्रमिक और श्रमिक
उद्देश्य श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा उनका निरंतर विकास सुनिश्चित करना
पेंशन राशि ₹3,000 प्रति माह
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन
आधिकारिक वेबसाइट mandhan.in

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2024

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2024 क्या-क्या योजना के अंतर्गत सभी बच्चों की मदद के लिए माता-पिता की मृत्यु के कारण होने वाली मृत्यु के बारे में बताया जाएगा, इस योजना को 30 में 2021 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया है। माध्यम सी केवल बच्चों को आर्थिक सहायता की जाएगी बल्कि उनकी पढ़ाई से लेकर उनकी शादी तक का सारा खर्चा सरकार द्वारा उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना इस योजना के अंतर्गत बच्चों के पालन-पोषण के लिए उनके अभिभावकों को ₹4000 की आर्थिक सहायता मिलेगी इसके अलावा इस समय लड़कियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी यदि बच्चे की उम्र 10 वर्ष है से कम उनके और कोई अभिभावक नहीं हैं तो सरकारी सरकारी बल में आवासीय सुविधा दी जाएगी लड़कियों को भी अलग से आवास की सुविधा दी जाएगी और वह सभी बच्चे जो स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे हैं उन्हें लैपटॉप टैबलेट भी इस योजना के तहत नीचे दिए गए अनुसार पढ़ें ।।

मुख्य उद्देश्य

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य और सभी बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और जो अनाथ हो गए हैं उन सभी बच्चों को इस योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान करना ताकि वह अपना भरण पोषण पोषण कर सकें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बच्चों को अन्य पर छूट की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार के अलावा सभी बच्चों को पूर्ण जिम्मेवारी मिलेगी प्रदेश सरकार के आदर्श आर्थिक सहायता से लेकर मियामी सहायता एवं विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। इस चुनाव के अंतर्गत बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी रहेगी।

लाभ एवं गुण

  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश के तहत 30 मई 2021 को इसे शुरू किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से सभी बच्चों की मदद की जाएगी, माता-पिता की मृत्यु के कारण मृत्यु हो गई है।
  • इस योजना के अंतर्गत केवल बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी बल्कि पढ़ाई से लेकर उनके विवाह तक का खर्च सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • सभी पात्र बच्चों के पालन पोषण के लिए प्रतिमाह ₹4000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • यह आर्थिक सहायता बच्चों के वयस्कों तक प्रदान की जाएगी।
  • इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लड़कियों की शादी के लिए ₹101000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चे की आयु 10 वर्ष से कम है और उसका कोई अभिभावक नहीं है तो इस स्थिति में बच्चे को आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
  • यह सरकारी सुविधा बाल गृह के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से सभी बच्चों को पढ़ाई के लिए लैपटॉप या टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • इस योजना का लाभ उन बच्चों को भी दिया जाता है जो अपने लीगल गार्जियन से पूछते हैं या फिर आय पंजीयन करने वाले गार्जियन को कोरोना संक्रमण के कारण खो देते हैं।
  • सभी अवेस्क गर्ल्स को भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह एवं अटल आश्रम आश्रम के माध्यम से शिक्षा एवं आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी।

आईटीआई महाविद्यालयों के लिए पात्रता और शर्त

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण उनके माता-पिता ने अपने बूढ़े बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत आईटीआई बिजनेस को भी लाभ देने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए 8 जून 2021 को औद्योगिक कुमार प्रशिक्षण संस्था के दिग्गज डॉ नरेश जी की पात्रता की शर्त जारी कर दी गई। सभी जहाज़ों को लैपटॉप, टैबलेट, विवाह के लिए आर्थिक सहायता एवं प्रतिमा सहायता राशि प्रदान की जाएगी। वह सभी आईटीआई प्रशिक्षु जो इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें अपने जिले के आईटीआई में आवेदन करना होगा। आईटीआई प्रशिक्षक के लिए पात्रता की शर्त इस प्रकार है।

  • बच्चे की उम्र 18 साल से कम होनी चाहिए।
  • मृतकों के माता-पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई।
  • यदि किसी के माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु मार्च 2020 से पहले हुई हो और दूसरे की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण हुई हो तो इस स्थिति में भी इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
  • यदि आवेदनकर्ता के माता-पिता की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पहले हुई हो और लीगल अभिभावक की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण हुई हो तो वह भी इस योजना का पात्र है।
  • वह बच्चे को भी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ प्राप्त कर महंगा पड़ा, माता-पिता में से आय ऋण लेने वाले माता-पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई।
  • इसके अलावा यदि माता-पिता दोनों जीवित हैं लेकिन आय को पंजीकृत करने वाले माता-पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई है
  • जीवित माता-पिता की वार्षिक आय ₹200000 या फिर उन्हें कम हो तो इस स्थिति में भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता प्राप्त करें

  • अभी तक उत्तर प्रदेश राज्य का स्थान निवासी होना चाहिए।
  • उसने बच्चे से 19 साल की उम्र में अपने माता-पिता दोनों के बारे में भी पूछा।
  • अपने लीगल गार्जियन को अतिशय संक्रमण के कारण खाने वाले बच्चे इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं।
  • उन्होंने चाइल्ड किडिंग को आज ही के दिन 19 नवंबर 2019 को 1999 में 1999 में 1999 में खरीदा था।
  • वह बच्चा जिस दिन उसके माता-पिता में से कोई एक ही जीवित हो गया और उसकी मृत्यु के बाद उसकी मृत्यु हो गई।
  • बच्चों की उम्र 18 साल या फिर 18 साल से कम होनी चाहिए।
  • एक परिवार के सभी बच्चे जैविक एवं कानूनी रूप से गोद लेने के लिए इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • वर्तमान में जीवित माता या पिता की आय 2 लाख से कम होनी चाहिए।

दस्तावेज़ की आवश्यकता है

  • निवास प्रमाण पत्र
  • बच्चों की आयु प्रमाण पत्र
  • 2019 से मृत्यु का प्रतीक
  • बच्चों में माता-पिता की न्यूनतम फोटो जिसमें पूर्वआवेदन शामिल है
  • माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र (यदि माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है तो इस स्थिति में आय प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य नहीं है।)
  • शिक्षण संस्थान में नामांकन का प्रमाण पत्र
  • माता-पिता या वेज़ संरक्षक का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • बाल एवं अधिक आयु प्रमाण पत्र
  • 2015 की धारा 94 में निम्नलिखित साक्ष्य पत्र की अतिरिक्त फैमिली रजिस्टर की नकल
  • विवाह की तिथि, नियुक्ति या विवाह स्वामी होने से संबंधित अभिलेख

आवेदन करने की प्रक्रिया

  • यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं तो आपको ग्राम विकास पंचायत रूपरेखा या विकासखंड या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जाना होगा |
  • आप शहर में रहते हैं तो आपको लेखपाल तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जाना होगा।
  • इसके बाद कार्यालय से इस योजना के अंतर्गत आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा।
  • आपके कार्यालय से इस योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा और इस आवेदन पत्र में सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आदि सभी जानकारी ज्ञानपुर में दर्ज करनी होगी।
  • सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको आवश्यक जानकारी को शामिल करना होगा।
  • अब आपका आवेदन पत्र कार्यालय में जमा कर देना।
  • इस प्रकार से आप उप मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।
  • जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति के पत्र में बच्चों को प्रोजेक्ट करने के बाद 15 दिनों के अंदर आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत माता-पिता की मृत्यु वर्ष के 2 वर्ष के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त होने की स्थिति से ही इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2024 कोविड-19 के कारण अनाथ बच्चों की आर्थिक सहायता की जाती है। ₹4000 मासिक सहायता, शिक्षा, आवास और शादी तक का खर्च उठाती है। सुविधा: उत्तर प्रदेश निवासी, 18 वर्ष से कम, कोविड से माता-पिता का निधन, वार्षिक आय ₹2 लाख से कम। योजना बच्चों को सुरक्षा और भविष्य बनाने में मदद करती है।

बाल सेवा योजना क्या है?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत 30 मई 2021 को की गई है। इस योजना के माध्यम से सभी बच्चों की मदद की जाएगी, माता-पिता की मृत्यु के कारण मृत्यु हो गई है।।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का पैसा कब तक आएगा?

इस तरह के बच्चों के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना 2023 की शुरुआत है। इस योजना के अंतर्गत, बाल आश्रम से पढ़ने वाले बच्चों को 18 साल की उम्र के बाद ₹5000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशिफल टैब प्रदान करें जब वे 18 वर्ष के हो जाएं और बाल आश्रम को छोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत कब हुई?

महिलाओं और बच्चों के विकास को गति देने के उद्देश्य से भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक भाग के उददेश्य से बाल विकास विभाग की स्थापना वर्ष 1989 में हुआ है.

उत्तर प्रदेश बाल सेवा योजना 2024 का लाभ एवं विशेषता क्या है?

इस योजना के तहत, बच्चों को सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी, बल्कि सरकार उनकी पढ़ाई से लेकर उनकी शादी तक का खर्चा बढ़ाएगी। बच्चों के पोषण के लिए हर माह ₹4000 की सहायता राशि दी जाएगी। यह आर्थिक सहायता बच्चों के वयस्कों के लिए उपलब्ध होगी।

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